Betul News:बैतूल पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, प्रदेश अध्यक्ष की भी नहीं सुन रहे अधिकारी?
बैतूल पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, प्रदेश अध्यक्ष की भी नहीं सुन रहे अधिकारी?

बैतूल। जिले में सोशल मीडिया क्रिएटर के नाम पर कई ऐसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बन गए हैं जिस पर बिना किसी परमिशन के राह चलते लोगों की फोटो अपलोड कर रहे हैं। तो कुछ सोशल मीडिया क्रिएटर लोगों की छवि धूमिल करने में लगे हुए हैं। ऐसा ही एक सोशल मडिया क्रिएटर एक व्यक्ति की छवि धूमिल करने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। और पकड़ेगा भी क्यों नहीं क्योंकि बैतूल पुलिस प्रशासन वीडियो अपलोड करने वाले पर कार्रवाई तो कर नहीं रही है। पीड़ित युवक का कहना है कि एक व्यक्ति जो वीडियो क्रिएटर है उसके द्वारा फोटो एडिट कर आपत्तिजनक शब्दों के साथ वायरल किया जा रहा है, लेकिन शिकायतों के बावजूद पुलिस की कार्रवाई रफ्तार पकड़ती नजर नहीं आ रही। पीड़ित पक्ष का दावा है कि उन्होंने संबंधित थाने से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक गुहार लगाई। इतना ही नहीं, मामला प्रदेश स्तर तक पहुंचा और बताया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी अवगत कराया गया। आरोप यह है कि निर्देशों के बाद भी स्थानीय स्तर पर कार्रवाई का पहिया जाम ही रहा। सोशल मीडिया पर लगातार एडिटेड फोटो और आपत्तिजनक पोस्ट प्रसारित हो रहे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि जब डिजिटल युग में लोकेशन, आईपी एड्रेस और अकाउंट ट्रैक करना संभव है, तो फिर आरोपी तक पहुंचने में इतनी देरी क्यों? आखिर आरोपी को अभय दान देने की वजह क्या है!अब देखना यह होगा कि बैतूल पुलिस इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाती है और क्या जांच को निर्णायक दिशा मिल पाती है या नहीं। वही अगर बात करे डिजिटल दौर में सोशल मीडिया जहां अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम बना है, वहीं इसका दुरुपयोग भी तेजी से बढ़ा है। किसी व्यक्ति की फोटो एडिट कर आपत्तिजनक शब्द जोड़ना, फर्जी पोस्ट बनाकर वायरल करना गंभीर आपराधिक कृत्य है। भारतीय कानून में ऐसे मामलों के लिए स्पष्ट और कड़ी धाराएँ मौजूद हैं।
