Betul News:सड़क पर निकले तब समझा बच्चों का दर्द, प्रशासन और जनप्रतिनिधि की आंखों में पहले क्या पट्टी बंदी थी!

सड़क पर निकले तब समझा बच्चों का दर्द, प्रशासन और जनप्रतिनिधि की आंखों में पहले क्या पट्टी बंदी थी!

बैतूल | शाहपुर एकलव्य छात्रावास एक बार फिर सुर्खियों में है। कभी सीसीटीवी कैमरे को लेकर तो कभी खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं। इस बार छात्राओं का ग़ुस्सा फूट पड़ा और वे शाहपुर से बैतूल तक पैदल चलकर कलेक्टर से अपनी पीड़ा बताने निकल पड़े। एकलव्य छात्रावास में छात्रों से हो रहे अमानवीय बर्ताव और करप्शन को लेकर छात्रावास के सभी छात्रों ने विद्रोह शुरू कर दिया और शाहपुर से बैतूल तक 40 किलोमीटर का पैदल मार्च करने निकल पड़े । इसकी सूचना मिलते ही प्रशासन के होश उड़ गए और खुद कलेक्टर सारे जरूरी काम छोड़कर शाहपुर के लिए रवाना हुए । कलेक्टर ने सबसे पहले छात्रों को हाइवे पर रोका और बसों से उन्हें वापस छात्रावास पहुंचाया गया इसके बाद कलेक्टर ने सुबह से शाम तक का समय छात्रावास में ही बिताया । इस दौरान छात्रों के अलावा छात्रावास अधीक्षक , स्कूल प्राचार्य , स्टाफ और जनप्रतिनिधियों से अलग अलग चर्चा की । चर्चा के दौरान नतीजा ये निकला कि छात्रावास का अधीक्षक पूरे विवाद की जड़ है । छात्रों को घटिया क्वालिटी का भोजन देना , छात्रों और स्टाफ के साथ अभद्रता से पेश आना और जनप्रतिनिधियों को सम्मान नहीं देने जैसी दर्जनों शिकायते कलेक्टर को मिलीं जिसके बाद कलेक्टर ने तत्काल एक टीम बनाकर जांच शुरू करवा दी है! लेकिन लोगों के मन में सवाल उठ रहे है कि जब इतना कुछ छात्रावास में हो रहा था और जनप्रतिनिधिको पता था तो पहले एक्शन क्यों नहीं लिया गय ! क्योंकि छात्रों द्वारा पहले भी कई बार अधीक्षक और वहां मौजूद स्टॉप की शिकायत कर चुके हैं उसके बाद भी सिर्फ छात्रों को निराशा ही हाथ लगी जब पानी सर से ऊपर हो गया तो छात्राओं ने खुद ही न्याय की आस में पैदल निकल पड़े। लेकिन क्या इसे पहले प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को छात्राओं का दर्द क्यों नहीं दिखाई दिया कलेक्टर से मिली जानकारी के अनुसार जांच पूरी होने के बाद एकलव्य छात्रावास के अधीक्षक और स्कूल के प्राचार्य दोनो के विरुद्ध सख्त कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी । कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जांच पूरी होने तक छात्रों पर निगरानी रखे जिससे उन्हें कोई डरा धमकाकर जांच प्रभावित ना कर सके ।वहीं छात्रों का कहना है कि उन्हें छात्रावास में पूरी सुविधा नहीं मिल रही है खाना भी बेकार होता है चावल में इल्ली निकलती है l इस पूरे मामले में कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने बताया कि उन्हें पता चला कि शाहपुर स्कूल से बच्चे अपनी समस्याएं बताने के लिए पैदल चलकर कलेक्ट्रेट आ रहे है तो वे स्वयं ही बच्चों से मिलने पहुंचे थे और बच्चों से समस्याओं के बारे में जानकारी और स्कूल स्टाफ प्रिंसिपल से भी चर्चा की जिसमें पाया कि स्कूल प्रिंसिपल और स्टाफ भी खुद एक समस्या है इसलिए प्रिंसिपल के निलंबन की तैयारी की जा रही है

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