Betul News:साहब फोन उठाने में इतनी हिचकिचाहट क्यों?
साहब, फोन उठाने में इतनी हिचकिचाहट क्यों?

बैतूल शहर शराब की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि और आंगनबाड़ी केंद्र के पास अवैध रूप से संचालित शराब दुकान के खिलाफ स्थानीय लोगों का गुस्सा चरम पर है। इसके बावजूद आबकारी विभाग के अधिकारी न केवल इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं, बल्कि पत्रकारों के सवालों से भी कन्नी काट रहे हैं। सूत्रों की मानें तो आबकारी अधिकारी कथित तौर पर प्रभावशाली शराब ठेकेदारों के दबाव में काम कर रहे हैं, जिसके चलते न तो बढ़ी कीमतों पर अंकुश लगाया जा रहा है और न ही अवैध दुकानों पर कोई कार्रवाई हो रही है।कोशिश की, तो उन्हें घोर निराशा हाथ लगी। कई पत्रकारों ने बताया कि आबकारी अधिकारी ने उनके फोन नंबर ब्लॉक कर दिए हैं। जब नए नंबरों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो अधिकारी या तो फोन काट देते हैं या कॉल का जवाब ही नहीं देते। यह स्थिति न केवल पारदर्शिता की कमी को दर्शाती है, बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि आखिर अधिकारी किसके दबाव में इतने असहज हैं?सूत्रों का कहना है कि आबकारी अधिकारी शराब ठेकेदारों के “लिफाफे” के वजन के आगे नतमस्तक हैं। आरोप है कि ठेकेदारों की रसूख और आर्थिक ताकत के चलते अधिकारी न केवल उनकी गलत गतिविधियों पर पर्दा डाल रहे हैं, बल्कि उन्हें संरक्षण भी दे रहे हैं। यह भी चर्चा है कि कुछ अधिकारी अपनी कुर्सी बचाने के लिए ठेकेदारों की जी-हजूरी में जुटे हैं।
