Betul News:दबंगो ने स्कूल में ट्रैक्टर से बोरवेल उखाड़ा, फिर स्कूल संचालक के साथ लाठी-डंडों से की मारपीट

पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक से की शिकायत, चिचोली थाने में एफआईआर दर्ज

दबंगो ने स्कूल में ट्रैक्टर से बोरवेल उखाड़ा, फिर स्कूल संचालक के साथ लाठी-डंडों से की मारपीट

पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक से की शिकायत, चिचोली थाने में एफआईआर दर्ज


बैतूल। जिले के चिचोली थाना क्षेत्र अंतर्गत भीमपुर में एक स्कूल संचालक और अधिवक्ता के परिवार पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार स्कूल में बच्चों की मौजूदगी के बीच ट्रैक्टर चलाकर बोरवेल और जमीन तहस-नहस की गई, विरोध करने पर डंडे, चप्पल, पत्थर और ब्लेड से हमला कर अधिवक्ता और उसके परिवार को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर मामले की गंभीरता को बताया और कार्रवाई की मांग की है। घटना के संबंध में थाना चिचोली में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 296, 115(2), 351(2), और 3(5) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है।पीड़ित रोहित पचौरिया ने बताया कि घटना विगत 25 मई की है, वह अपने सांईग्रामर स्कूल के कार्यालय में बच्चों का एडमिशन कार्य कर रहे थे। इसी दौरान राहुल उर्फ विक्की और गुरुप्रसाद ट्रैक्टर लेकर स्कूल परिसर में घुस गए और परिसर में लगे ट्यूबवेल को उखाड़ते हुए ट्रैक्टर से जमीन को तहस-नहस कर दिया।
रोहित द्वारा विरोध करने पर राहुल ने उनके भाई मोहित का मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। इसके बाद अचानक अशोक, शिवप्रसाद, लता, गीता, संगीता, अनुराग और रंजीत भी वहां आ धमके। सभी ने एकजुट होकर गाली-गलौज करते हुए डंडों, चप्पलों, पत्थरों से हमला किया।
शिकायत के अनुसार हमले में रोहित, उनके भाई मोहित और उनके विकलांग चाचा अधिवक्ता राजकुमार आर्य को गंभीर चोटें आईं। राजकुमार को लकड़ी और पत्थरों से बेरहमी से पीटा गया, जिससे उनके पैर, छाती और पीठ पर गंभीर घाव हुए। आरोपियों ने उनके कपड़े तक फाड़ दिए। वहीं रोहित को दोनों हाथों, गर्दन और पैर में चोटें आईं और ब्लेड से हमला किया गया, मोहित को भी गंभीर रूप से घायल किया गया।
– बच्चों के सामने ही स्कूल परिसर में मचाया उत्पात
शिकायतकर्ता के अनुसार घटना के समय स्कूल में मौजूद बच्चों और शिक्षिकाओं ने पूरी घटना को देखा। बच्चों के सामने ही स्कूल परिसर में उत्पात मचाया गया। इसके बाद सभी आरोपी पीड़ित के घर में जबरन घुस गए, अलमारी, गोदरेज खोलकर सामान बिखेर दिया और कागजात खंगाले। अनावेदकों द्वारा बार-बार कहा जा रहा था कि आज किसी को भी जिंदा नहीं छोड़ना है। पीड़ितों ने बताया कि यदि समय पर पुलिस नहीं पहुंचती तो बड़ी जनहानि हो सकती थी। इस घटना के बाद रोहित पचौरिया और मोहित पचौरिया ने 30 जून को बैतूल पहुंचकर पुलिस अधीक्षक को एक लिखित आवेदन सौंपा। इसमें बताया गया कि यह हमला सिर्फ और सिर्फ जान से मारने की नीयत से किया गया। पीड़ित पक्ष ने बताया कि उक्त भूमि पहले ही अनावेदकों द्वारा विक्रय की जा चुकी है और वर्तमान में मामला न्यायालय भैंसदेही में विचाराधीन है। इसके बावजूद जबरन कब्जा करना चाह रहे हैं।
पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि अनावेदक गुरुप्रसाद द्वारा रोजाना गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने मांग की है कि इस हमले में शामिल सभी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए। शिकायत में बताया गया कि गंभीर रूप से घायल अधिवक्ता राजकुमार आर्य का इलाज इंदौर में चल रहा है। पीड़ित परिवार ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।

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