Political News:सीएम ने खाया ग्रामीण के घर भोजन, पर चूल्हे के धुएं ने पूछ लिए कई सवाल!

सीएम ने खाया ग्रामीण के घर भोजन, पर चूल्हे के धुएं ने पूछ लिए कई सवाल!

बैतूल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बैतूल दौरा सुर्खियों में रहा। कैमरों की चमक, नेताओं की मौजूदगी और ग्रामीण परिवार के साथ जमीन पर बैठकर भोजन करने की तस्वीरों ने खूब वाहवाही बटोरी। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से लेकर प्रिंट मीडिया तक इस आत्मीय मुलाकात की चर्चा होती रही, लेकिन कुछ तस्वीरों ने ऐसे सवाल भी खड़े कर दिए, जिन पर चर्चा होना जरूरी है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ एक ग्रामीण परिवार के घर पहुंचे और उनके साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया। इस दौरान पूरे कार्यक्रम को जनसंपर्क और आत्मीयता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया। लेकिन तस्वीरों में दिखाई दे रहे कुछ दृश्य अब चर्चा का विषय बन गए हैं।सबसे बड़ा सवाल उस रसोई से जुड़ा है, जहां भोजन तैयार होता दिखाई दिया। तस्वीरों में पारंपरिक चूल्हे पर खाना बनता नजर आया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या उस परिवार तक उज्ज्वला योजना का लाभ नहीं पहुंचा, या फिर किसी अन्य कारण से आज भी चूल्हे का उपयोग किया जा रहा है? चूल्हे से उठता धुआं उन दावों की भी याद दिलाता है, जिनमें ग्रामीण महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाने की बात कही जाती रही है।दूसरा सवाल आवास को लेकर है। जिस घर में मुख्यमंत्री भोजन करने पहुंचे, वहां कच्चा ढांचा और लकड़ियों का छप्पर दिखाई दिया। ऐसे में सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि क्या परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है या नहीं? यदि नहीं मिला, तो कारण क्या है? और यदि मिला है, तो फिर मकान की स्थिति ऐसी क्यों दिखाई दे रही है?केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराना है, जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को पक्का मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। ऐसे में मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान सामने आई तस्वीरों ने इन योजनाओं की जमीनी स्थिति को लेकर बहस छेड़ दी है।विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। सोशल मीडिया पर कई पोस्टों में पूछा जा रहा है कि यदि मुख्यमंत्री के दौरे वाले घर की स्थिति ऐसी दिखाई दे रही है, तो दूर-दराज के अन्य पात्र परिवारों तक योजनाओं का लाभ किस स्तर तक पहुंचा होगा?हालांकि, संबंधित परिवार को उज्ज्वला योजना या प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है अथवा नहीं, वे इन योजनाओं के पात्र हैं या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अनोखा सच न्यूज नहीं करता। लेकिन तस्वीरों में जो दिखाई दिया, उस पर सवाल उठाना पत्रकारिता का दायित्व है। क्योंकि देखकर भी अनदेखा करना अनोखा सच की आदत नहीं है।

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