High Court:कोर्ट नें नहीं दिया अधिमान्यता बहाली का कोई आदेश!
कोर्ट नें नहीं दिया अधिमान्यता बहाली का कोई आदेश!

तैमूर लंगड़ा नें अंग्रेजी मे लिखें कोर्ट के आर्डर क़ो किसी से पढ़वाकर उसे अपने स्वार्थ के लिये स्वयं के मंदबुद्धि गांजा बालक के नाम पर चल रहें फटीचर बैशखी एक्सप्रेस मे झूठ परोसकर गवाई गईं पूरी इज्जत मे से थोड़ी इज्जत वापस लाने का असफल प्रयास है. सुन रे तैमूर लंगड़ा . जनसंपर्क का आदेश निरस्त हुआ है तेरी अधिमान्यता बहाली का कोई आदेश नहीं है. चिंधी को सांप बनाकर प्रस्तुत करना तेरी खानदानी आदत है. कोर्ट के आदेश को भी तोड़ खुद के बैसाखी एक्सप्रेस अखबार मे मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है. कोर्ट ने अपने आदेश में साफ सुथरा कहां है जनसंपर्क विभाग द्वारा अधिमान्यता निरस्त करने के पूर्व आवेदक का पक्ष जान लेना जरूरी है .कहने का मतलब क़ी आवेदक क़ो जनसंपर्क अब तलब करेगा क़ी क्यों न आपकी विभिन्न कारणों से अधिमान्यता निरस्त कर दी जावे. आवेदक का जवाब संतुष्टि पूर्ण रहा तों उसकी तहसील स्तरीय अधिमान्यता वह भी तब जब रिनोवल करवा लें नें मे..नहीं तों 2024 मे ही अधिमन्यता समाप्त हो चुकी है… और जनसंपर्क विभाग अपराधियों क़ो किनारे लगा देता है.
नोट यह खबर का उद्देश्य लोगों के मनोरंजन के लिए है इस खबर का किसी से वास्ता नहीं अगर कोई व्यक्ति खबर को अपने ऊपर ले लेना चाहता है तो वह उसका स्वयं का विवेक है!
