Betul News:पत्रकारों की न्याय की लड़ाई को मिला विपक्ष का साथ धरने में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, भीम आर्मी और बजरंग दल के नेता एकजुट!
पत्रकारों की न्याय की लड़ाई को मिला विपक्ष का साथ धरने में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, भीम आर्मी और बजरंग दल के नेता एकजुट!

बैतूल।पत्रकारों के आत्मसम्मान पर हुए हमले के खिलाफ शुरू हुई “न्याय की लड़ाई” अब जन आंदोलन का रूप ले रही है।वरिष्ठ पत्रकार जंकी शाह के साथ कोतवाली थाना प्रभारी सत्यप्रकाश सक्सेना द्वारा किए गए दुर्व्यवहार, धमकी और जब्ती के विरोध में पत्रकारों द्वारा चलाया जा रहा धरना आज राजनीतिक समर्थन का केंद्र बन गया। विपक्षी दल और सामाजिक संगठनों ने पत्रकारों के आंदोलन को खुला समर्थन दिया है।आज के धरना स्थल पर आम आदमी पार्टी से अजय सोनी अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे,भीम आर्मी जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कापसे, बजरंग दल से भवानी गांवंडे उनके समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और कांग्रेस नेता ऋषि दीक्षित ने भी मंच से पत्रकारों के पक्ष में आवाज़ बुलंद की।पत्रकारों की आवाज़ को दबाने की कोशिश लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार है,हम पत्रकारों के साथ हैं और न्याय तक यह संघर्ष जारी रहेगा। वहीं, भाजपा की चुप्पी बनी सवाल!धरने की सूचना और पत्रकारों के अपील के
बावजूद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल न तो स्थल पर पहुंचे,और न ही उन्होंने कोई प्रतिक्रिया दी।पत्रकारों ने इसे शर्मनाक चुप्पी बताया। धरना स्थल से पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन से मिलने एसपी ऑफिस पहुंचा। लेकिन एसपी जैन ने अकेले चेम्बर में मिलने पर ज़ोर दिया,जिसका पत्रकारों ने संगठित रूप से विरोध किया और बिना मिले ही कार्यालय से लौट आए।अब यह सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पत्रकार समाज के आत्मसम्मान की लड़ाई है।अगर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो भोपाल पुलिस मुख्यालय पर होगा पत्रकार आत्मसम्मान आंदोलन’18 अक्टूबर की सुबह वरिष्ठ पत्रकार जंकी शाह ने कोतवाली थाना प्रभारी से फटाके मामले में 20,000 की जप्ती पर सवाल किया था।इस पर अधिकारी भड़क गए, धारा 151 की धमकी दी, गाली-गलौज की और 15,000 रुपये सहित जेवर जब्त कर लिए।
पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी में दर्ज बताया गया है।पत्रकार ने RTI के माध्यम से कोतवाली थाना क्षेत्र में पदस्थ पुलिसकर्मियों की जानकारी मांगी थी,जिस पर थाना प्रभारी नाराज़ थे।पत्रकारों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान!सत्य की कलम नहीं झुकेगी!पत्रकार आत्मसम्मान पुलिस की बपौती नहीं!क्या प्रशासन पत्रकारों की बात सुनेगा या यह संघर्ष अब भोपाल मुख्यालय के दरवाजे तक पहुँचेगा?
