Betul News:सड़क हादसे में मृतक युवकों के परिजन पहुंचे कलेक्टर एसपी के पास
सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, वाहन जांच समेत हत्या के एंगल से जांच की मांग
सड़क हादसे में मृतक युवकों के परिजन पहुंचे कलेक्टर एसपी के पास

बैतूल। जिला मुख्यालय के अंतर्गत आने वाले ग्राम बोड़ी में दो किशोरों की संदिग्ध सड़क दुर्घटना में हुई मौत ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। जानकारी के अनुसार मृतक युवक 4 अप्रैल की शाम को शाम 7 से 8 के बीच कुम्हारटेक टेंट में लाइट पहुंचाने निकले थे, लेकिन रास्ते में किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। इस घटना में विकास की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रीतम ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। अब परिजनों का कहना है कि यह सामान्य हादसा नहीं। परिजनों और ग्रामीणों ने गुरुवार 17 अप्रैल को आदिवासी कोरकू समाज संघर्षशील संगठन के जिला अध्यक्ष चेतराम कास्देकर के साथ कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और कैमरा फुटेज, मोबाइल लोकेशन, वाहन जांच समेत हत्या के एंगल से जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि घटना के दो हफ्ते बाद भी पुलिस न तो कोई ठोस कार्रवाई कर पाई है और न ही कोई संदिग्ध पकड़ में आया है। मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले इन परिवारों का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए, इस रहस्य पर से पर्दा भी उठना चाहिए।परिजनों ने बताया कि हादसे की जानकारी तत्काल पुलिस को दी गई थी। लेकिन घटना के दो सप्ताह बाद भी ना तो किसी वाहन की पहचान हो पाई है और ना ही किसी संदिग्ध से पूछताछ की गई है।परिवार को आशंका है कि यह महज एक सड़क हादसा नहीं है। उन्होंने कहा कि घटना के समय के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच होनी चाहिए। परिजनों ने विशेष रूप से खंडारा चौक स्थित तन्नु एवं सोनू के घरों के पास लगे कैमरे, और बोड़ी में बीएसएनएल टॉवर के कैमरे की जांच की मांग की है। उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना की जानकारी सबसे पहले गुलबा यादव ने राजू अखण्डे को दी थी। परिजनों ने कहा कि दोनों परिवार मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते हैं, और इस घटना से दोनों घरों में आर्थिक संकट भी आ गया है। उन्होंने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मांग की कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, आसपास की बैलगाड़ियों, मोटर सायकिलों और चार पहिया वाहनों की जांच की जाए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए। ज्ञापन देने वालों में राजू अखंडे, बस्तीराम चौहान, गजानंद रामकिशोर, सुखलाल, बिसन, बबलू, रामनाथ, भीमा, नन्हे, मुंशीलाल, मुन्ना यादव, रतनी, मोना टांडिलकर ललित, सुखवंती, सेवंती, श्यामसती, पार्वती, बबलू, किशोरी, रामू सहित अन्य परिजन एवं ग्रामीण शामिल थे।
