Betul News:अवैध कब्जे और धमकियों से त्रस्त आदिवासी महिलाओं ने कलेक्टर से की शिकायत 

अवैध कब्जे और धमकियों से त्रस्त आदिवासी महिलाओं ने कलेक्टर से की शिकायत 

फर्जी नामांतरण करवा कर जमीन के प्लॉट बेचने का मामला, कलेक्टर से सख्त कार्यवाही की मांग

खसरा नंबर 146/2 में से भूमि को अलग कर बनवा दी मस्जिद 

बैतूल। जिले के तहसील घोड़ाडोंगरी के बगडोना गांव की दो आदिवासी महिलाएं, सुकिया और सुनिता, ने अपनी स्वामित्व की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। इस मामले की शिकायत उन्होंने कलेक्टर से की है। यह मामला न्यायालय अपर कलेक्टर बैतूल के कार्यालय में भी पिछले 2 साल से लंबित है, लेकिन प्रकरण का निराकरण नहीं होने के चलते महिलाएं अवैध कब्जे और धमकियों से त्रस्त है। इन महिलाओं ने दबंग के खिलाफ कार्यवाही करते हुए कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है। सुकिया और सुनिता आदिवासी समाज से हैं और मजदूरी कर अपने परिवार का गुजारा करती हैं। इन महिलाओं का आरोप है कि वार्ड क्रमांक 35 टाईप 3 क्वार्टर 142 शोभापुर कालोनी पाथाखेडा निवासी मंजूर अहमद रिजवी ने उनकी जमीन पर कब्जा कर मकान बना लिया है और फर्जी नामांतरण अन्य व्यक्ति के नाम करवा कर जमीन पर मजिस्द बना ली शेष भूमि के प्लॉट बेच दिए हैं। इतना ही नहीं, जब वे अपनी जमीन पर जाती हैं तो रिजवी और उसका बेटा उन्हें गाली-गलौच और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हैं।

न्यायालय अपर कलेक्टर बैतूल के कार्यालय में पिछले दो साल से लंबित है प्रकरण 

यह मामला पिछले दो सालों से न्यायालय अपर कलेक्टर के कार्यालय में लंबित है, परंतु अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। गरीब और मेहनतकश आदिवासी महिलाओं ने अब कलेक्टर से सख्त कार्यवाही की मांग की है ताकि उन्हें न्याय मिल सके और वे अपने अधिकार की जमीन वापस पा सकें। शिकायत के अनुसार, मंजूर अहमद ने खसरा नंबर 146/1 और 146/2 की भूमि पर कब्जा किया हुआ है। सुकिया और सुनिता ने बताया कि जब वे अपनी जमीन पर जाती हैं, तो रिजवी और उसका बेटा उन्हें गाली गलौच और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करके धमकाते हैं। शिकायत में यह भी बताया गया है कि रिजवी ने फर्जी नामांतरण करवा कर खसरा नंबर 146/2 में से भूमि को अलग करवा दिया और वहां मस्जिद बनवा दी है। इस संबंध में न्यायालय अपर कलेक्टर बैतूल के कार्यालय में पिछले दो साल से प्रकरण लंबित है, लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। आदिवासी समाज की इन गरीब महिलाओं ने अपने स्वामित्व की भूमि पर कब्जा हटाने और गाली गलौच तथा धमकियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की है। उन्होंने कलेक्टर से अपील की है कि उनकी शिकायत को संज्ञान में लेकर तुरंत कार्यवाही की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और वे अपने हक की जमीन पर वापस आ सकें।

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