Betul News:दो दिन की दहाड़… फिर फाइलों में आराम! आखिर किस बात का इंतज़ार, साहब?
दो दिन की दहाड़… फिर फाइलों में आराम! आखिर किस बात का इंतज़ार, साहब?

बैतूल। शहर में नए अधिकारी के पदभार ग्रहण करते ही पहले दो दिनों तक ऐसा माहौल बना कि मानो व्यवस्था की तस्वीर बदलने वाली है। ताबड़तोड़ दो तीन कार्रवाई ने संदेश दिया कि अब लापरवाही और ढिलाई पर लगाम लगेगी। लेकिन यह जोश ज्यादा दिन टिक नहीं पाया और कुछ ही समय में एक्शन का शोर खामोशी में बदलता नजर आने लगा।शहर में चर्चा है कि अब अधिकारी का अधिकांश समय फाइलों तक ही सीमित दिखाई दे रहा है। जिन थाना क्षेत्रों पर लगातार निगरानी और नियंत्रण की उम्मीद थी, वहां की गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि वह अधिकारी नेशनल चैंपियन है तो एक्शन तो दिखाएगा लेकिन दो दिन का एक्शन दिखाने से क्या साबित करने वाले थे खैर जो भी हो सबकी अपनी अपनी कार्य सहेली होती है काम करने की अगर ऐसे ही चलता रहा तो ये कहने में कोई हर्ज नहीं है कि जब अधिकारी सुस्त रहेगा तो टीम कितनी सक्रिय रहेगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।यह भी कहा जाता है कि अधिकारी बेहद सीधी और नियम कायदों के अनुसार काम करने वाली हैं। हर निर्णय पूरी सावधानी से लेते हैं ताकि कोई भी चूक न हो। लेकिन सवाल यह है कि जरूरत से ज्यादा सोच विचार कहीं कार्रवाई की रफ्तार पर ब्रेक तो नहीं लगा रहा? क्योंकि अपराध और अव्यवस्थाएं निर्णय का इंतजार नहीं करतीं।
