Betul News:सेवक बने शासक, टैक्स देने वाली जनता दुश्मन कब से हो गई साहब?
बैतूल में महिला की परेशानी बनी अफ़सरशाही के अहम का सवाल!
सेवक बने शासक, टैक्स देने वाली जनता दुश्मन कब से हो गई साहब?
बैतूल में महिला की परेशानी बनी अफ़सरशाही के अहम का सवाल!

बैतूल।कहने को सरकारी अधिकारी जनता के सेवक” हैं जनता के टैक्स से जिनकी सैलरी, गाड़ी और एसी ऑफिस चलते हैं। लेकिन जब वही जनता अपने हक़ की बात करे, तो कुछ साहबों के माथे पर बल पड़ जाता है। सवाल ये है क्या जनता की आवाज़ सुनना अफ़सरशाही की तौहीन हो गई है?शहर के एक मामले ने प्रशासनिक संवेदनहीनता का चेहरा उजागर कर दिया। बताया जा रहा है कि एक महिला अपनी समस्या साहब को सुनाई साहब ने तो उसके बोलने तक पर नाराज़गी दिखाई जा रही है, मानो अधिकारी किसी निजी जागीर के मालिक हों! इतना ही नहीं साहब अपने अधिनस्थ कर्मचारियों को फरमान दे बैठे हैं। की कैसे भी कर के विवादित जमीन से टीन शेड हटाया जाए लेकिन साहब को ये नहीं पता कि ओ सरकारी जमीन पर नहीं स्वयं की जमीन पर बनाया है।साहब ये लोकतंत्र है और यह जनता की परेशानी सुनना पड़ेगा और हल भी करना पड़ेगा।
