Betul News:बैतूल खुलेआम मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रही 108 एम्बुलेंस अधिकारियों की मिलीभगत में हो रहा यह सब कार्य
बैतूल खुलेआम मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रही 108 एम्बुलेंस अधिकारियों की मिलीभगत में हो रहा यह सब कार्य
अधिकारियों द्वारा अपने निजी फायदे के लिए 108 एंबुलेंस को बनाया जा रहा है माल वाहक वाहन

बैतूल मध्य प्रदेश शासन द्वारा सबका साथ सबका विकास का सपना देखा गया है परंतु सरकार द्वारा जनता के कल्याण के लिए चलाई जा रही 108 एम्बुलेंस खुलेआम मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करती नजर आ रही है ऐसा ही एक ताजा मामला बुधवार ओर गुरुवार मध्य रात का है जहां बैतूल जिला चिकित्सालय में एक गर्भवती महिला को उपचार के लिए 108 एंबुलेंस क्रमांक CG04/NR6265 की सहायता से बैतूल जिला चिकित्सालय लाया गया एंबुलेंस रात लगभग 2:20 बजे बैतूल जिला चिकित्सालय पहुंची और गर्भवती महिला को ड्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया जिस एंबुलेंस से उस गर्भवती महिला को लाया गया था उस एंबुलेंस में लगभग 10 से 12 न्यू ब्रांड एंबुलेंस में लगाए जाने वाले टायर रखे हुए थे जो की एंबुलेंस के नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे थे इस स्थिति में जब एंबुलेंस को पत्रकारों ने देखा तो उन्होंने एंबुलेंस के वीडियो बनाएं और फोटो खींचे या करते देख ड्राइवर अपना आपा खो बैठा और पत्रकारों से उल्टी सीधी बातें करने लगा पत्रकारों द्वारा एंबुलेंस ड्राइवर श्याम पवार से जब पूछा गया की एंबुलेंस में टायर क्यों रखे हुए हैं तो उसका कहना हुआ कि एंबुलेंस भोपाल से आ रही है और एंबुलेंस में टायर अधिकारियों द्वारा रखे गए हैं जब पत्रकारों ने सवाल किया कि यह मरीज कहां से लेकर आए हो और टायरों के बीच में मरीज को लाना गैरकानूनी और खतरनाक है यदि एक टायर भी गाड़ी चलाते समय मरीज के ऊपर गिर गया तो इसका जवाबदेही कौन होगा

तब ड्राइवर ने कहा कि मरीज मेरे रिश्तेदार है और मैं उन्हें छोड़ने आया हूं पत्रकारों द्वारा उससे कहा गया कि यदि मरीज के ऊपर टायर गिर जाता तो इसका जवाबदार कौन होता तब ड्राइवर भड़क उठा और उल्टा सीधा बोलने लगा जिसकी वीडियो भी पत्रकारों के पास उपलब्ध इसी बीच एंबुलेंस से उतरा एक और व्यक्ति पत्रकारों के काम में बाधा डालने लगा और अपने आप को पत्रकार का हवाला देने लगा पत्रकारों ने कहा कि तेरा आईडी कार्ड बात तो वह नहीं दिखा सका और पत्रकारों को धमकी देने लगा जिसकी शिकायत पत्रकारों द्वारा पुलिस को की गई और सुबह लगभग 4:00 बजे 100 डायल पुलिस जिला चिकित्सालय पहुंची जब तक वह वहां से फरार हो चुका था सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 108 एंबुलेंस जो बैतूल जिला चिकित्सालय मरीज को लेकर पहुंची थी वह छिंदवाड़ा लोकेशन की बताई जा रही है और वह एंबुलेंस चालक बिना इवेंट के मरीज को बैठा कर जिला चिकित्सालय आया था दूसरे दिन बीच में बोलने वाले व्यक्ति को कोतवाली पुलिस कोतवाली थाना ले गई और उससे पूछताछ की तो उसने स्वीकार किया कि उसने पत्रकारों को धमकाने के लिए अपने आप को पत्रकार बोला था जबकि वह पत्रकार नहीं है और जब उससे पूछा गया कि एंबुलेंस को फोन लगाकर बुलाया गया था क्या तो उसने क्लियर मना कर दिया और बताया कि वह उसकी गर्भवती पत्नी को मोटरसाइकिल से बैतूल ला रहा था तभी रास्ते से जा रही एंबुलेंस को उसने रास्ते में हाथ दिया और अपने पेशेंट को उसे जिला चिकित्सालय लेकर आया जबकि एंबुलेंस में दो लोग नहीं थे एंबुलेंस में से लगभग चार से पांच लोग जिला चिकित्सालय उतरे थे इससे या स्पष्ट होता है कि एंबुलेंस चालक अपने रिश्तेदारों को अपनी मर्जी से बगैर इवेंट के नियमों को ताक पर रखते हुए मरीज को लेकर बैतूल जिला चिकित्सालय पहुंचा था पत्रकारों द्वारा दूसरे दिन 108 एंबुलेंस के भोपाल एचआर के मोबाइल नंबर 8602794178 तरुण सिंह जी को या पूरी जानकारी दी गई तो उन्होंने कहां की आपके द्वारा बताई जा रही बात की में जांच करवाता हूं आप मुझे एंबुलेंस में रखे टायर एवं एंबुलेंस के नंबर की फोटो भेज दीजिए मैं जांच करवाता हूं कई देर तक फोन नहीं आने पर पत्रकार द्वारा वापस उन्हें पूरा फोन लगाया गया तो उन्होंने बताया कि या एंबुलेंस छिंदवाड़ा लोकेशन की है और या एंबुलेंस मेंटेनेंस हेतु भोपाल बुलाई गई थी जिसका मेंटेनेंस कर उसे वापस छिंदवाड़ा भेजा गया था ओर यह एंबुलेंस ऑफ रोड थी जब पत्रकार द्वारा उन्हें जानकारी दी गई की जब एंबुलेंस ऑफ रोड थी तो वह पेसेन्ट कैसे लेकर बैतूल जिला चिकित्सालय पहुंची तो उनका कहना हुआ कि नहीं पेशेंट लेकर नहीं पहुंच सकती और उन्होंने कहा यदि वह पेशेंट लेकर पहुंची है तो आप मुझे ड्राइवर द्वारा आपसे हुई बहस और प्रमाण भेजिए मैं जांच करवाता हूं इसके पश्चात भोपाल से पुनः पत्रकारों के पास फोन आया कि हमने वीडियो देखे हैं गाड़ी कैसे बैतूल पहुंची इसके लिए आप बैतूल मैनेजर से जाकर मिलिए वह आपको जानकारी देंगे जब हम बैतूल मैनेजर के पास पहुंचे तो उन्होंने हमें बताया कि गाड़ी में टायर भोपाल से भेजे गए थै बैतूल मैनेजर 108 एंबुलेंस के ड्राइवर और अपने भोपाल के अधिकारियों को बचाने के लिए के लिए पत्रकारों को गुमराह करने लगे और बैतूल जिला चिकित्सालय की ओपीडी दिखाकर यह समझाने लगे की एंबुलेंस इवेंट पर थी जबकि ऐसा कुछ नहीं था और यदि एंबुलेंस को इवेंट दिया गया था तो टायर रखी हुई गाड़ी क्यों भेजी गई यदि एक भी टायर गर्भवती महिला या बच्चे पर गिर जाता तो कितनी बड़ी घटना घट सकती थी इसका अंदाजा एंबुलेंस में रखे टायर का फोटो देखकर लगाया जा सकता है बैतूल मैनेजर की बातों से स्पष्ट नजर आया कि खुद अधिकारियों द्वारा 108 एंबुलेंस का दुरुपयोग किया जा रहा है और मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है जबकि एंबुलेंस में रखे टायर इतने ज्यादा थे कि उसे एंबुलेंस में भरकर भेजने से एंबुलेंस क्षतिग्रस्त हो सकती है एंबुलेंस में लगे ऑक्सीजन की पाइपलाइन और ऑक्सीजन पॉइंट भी टायरों से दब गया था जबकि एंबुलेंस में तो एंबुलेंस का स्टेफनी अंदर रखने का भी नियम नहीं है उसके लिए भी एंबुलेंस में अलग से स्थान बनाया गया है

अधिकारियों द्वारा इस प्रकार लापरवाही कर अधिकारी और ड्राइवर खुलेआम पत्रकारों को धमकी दे रहे हैं जिसकी शिकायत कोतवाली पुलिस में की गई है आगे देखना होगा कि यह पूरे मामले में किस प्रकार कार्रवाई की जाती है और या तो अधिकारियों द्वारा गलत जानकारी देकर इस मामले से पल्ला झाड़ा जाता है परंतु फोटो वीडियो और पत्रकारों के पास प्रमाण काफी है कि एंबुलेंस का दुरुपयोग किया गया जो की अपराध की श्रेणी में आता है और ड्राइवर द्वारा पत्रकार को जान से मारने की धमकी भी अपराध की श्रेणी में आती है अब देखना होगा इस पूरे मामले में दोषी अधिकारियों और ड्राइवर पर 108 एंबुलेंस संचालित करने वाली कंपनी या सरकार क्या कार्यवाही करती है
