Betul News:मंडल भी देख रहे, कमंडल भी देख रहे… अब ‘गु-गोबर को’ देखने को मजबूर होगे कार्यकर्ता!
मंडल भी देख रहे, कमंडल भी देख रहे... अब ‘गु-गोबर को’ देखने को मजबूर होगे कार्यकर्ता!बैतूल। राजनीति में समय-समय पर कई प्रयोग हुए हैं। कभी मंडल ने सत्ता के समीकरण बदले, तो कभी कमंडल ने चुनावी दिशा तय की। दोनों के अपने समर्थक, अपनी…
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